थायराइड आज एक आम स्वास्थ्य विषय बन चुका है। वजन में बदलाव, थकान, ठंड या गर्मी सहन करने में कठिनाई, बालों का झड़ना, कब्ज, बेचैनी, तेज धड़कन या नींद में बदलाव जैसे कई लक्षण थायराइड से जुड़े हो सकते हैं। लेकिन केवल इन लक्षणों के आधार पर यह निश्चित नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति को थायराइड की बीमारी है। इसके लिए उचित चिकित्सकीय जांच और आवश्यकता के अनुसार TSH, T4/T3 तथा अन्य thyroid tests किए जाते हैं।
थायराइड की समस्या में आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ कुछ लोग एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर, योग, आयुर्वेद और अन्य complementary approaches का भी उपयोग करते हैं। इन पद्धतियों का उद्देश्य व्यक्ति के अनुभव और पद्धति के अनुसार स्वास्थ्य एवं लक्षणों में सहायता करना हो सकता है।
इस लेख में हम विशेष रूप से थायराइड के लिए प्रचलित एक्यूप्रेशर दृष्टिकोण, इसके बताए जाने वाले pressure points, प्रयोग की सामान्य विधि तथा आधुनिक चिकित्सा के साथ इसे किस तरह सुरक्षित रूप से समझना चाहिए—इन सभी बातों को विस्तार से जानेंगे।