शीर्षासन (Headstand) के लाभ, विधि, सावधानियाँ और वैज्ञानिक महत्व | संपूर्ण योग मार्गदर्शिका
योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और चेतना के संतुलित विकास की एक वैज्ञानिक पद्धति है। योग के अनेक आसनों में शीर्षासन (Shirshasana) को विशेष स्थान प्राप्त है। इसे प्राचीन योग ग्रंथों में "आसनों का राजा" कहा गया है, क्योंकि यह शरीर और मस्तिष्क दोनों पर गहरा प्रभाव डालने वाला आसन माना जाता है।
जहाँ सामान्य व्यायाम में शरीर की अधिक ऊर्जा खर्च होती है, वहीं योगासन कम परिश्रम में शरीर के विभिन्न अंगों को सक्रिय करते हैं। नियमित और सही अभ्यास से शरीर में स्फूर्ति, मानसिक एकाग्रता और संतुलन का विकास होता है।

